Gungunate Chalo Muskurate Chalo

Gungunate Chalo Muskurate Chalo

गुनगुनाते चलो, मुस्कुराते चलो
गीत प्यारे मसीहा के गाते चलो
गुनगुनाते चलो
हमने माना के मंज़िल बड़ी दूर है 
तू मगर किस लिए इतना मजबूर है 
तू वो राही है, जब रास्ते में चले 
ख़ुद ही आसान हो जायें सब मरहले 
हर क़दम शादियाने बजाते चलो 
हर क़दम पर मसर्रत लुटाते चलो
गुनगुनाते चलो
क्या डरायेंगी ये मौत की वादियां 
क्या छिपायेंगी ये काली परछाईयाँ 
हम जहां जायेंगे रौशनी जाएगी 
हम जहां जायेंगे ज़िन्दगी जाएगी 
ज़िन्दगी के ख़ज़ाने लुटाते चलो 
उसका पैग़ाम सबको सुनाते चलो
गुनगुनाते चलो
आज 'अनवर' (गीतकार) के हाथों में भी साज़ है 
उसके ख्यालों की भी ऊँची परवाज़ है 
कैसी उलझन में हो राही भटके हुए 
वो बुलाता है ये उसकी आवाज़ है 
जो चले साथ उसको मिलाते चलो 
कारवाने मसीहा बढ़ाते चलो
गुनगुनाते चलो, मुस्कुराते चलो
गीत प्यारे मसीहा के गाते चलो
गुनगुनाते चलो

Gungunate Chalo Muskurate Chalo

Singer – Philip, Leela Solomon

Lyrics – Joseph Anwar

Recorded at – CARAVS Studio, Jabalpur, M.P. India.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Recently Added