Ji Utha Ji Utha Ibn-e-Khuda Ji Utha

Ji Utha Ji Utha Ibn-e-Khuda Ji Utha

जी उठा, जी उठा -4
मौत से लड़ के -2 
कब्र पे पाई फतह 
जी उठा, जी उठा 
इब्न-ए-खुदा जी उठा 
बस्ती-बस्ती, कूचा-कूचा 
नगरी-नगरी खबर
खुशखबरी ये सबको सुनाओ 
खाली है उसकी कब्र -2 
मेरे लिए मेरे, यीशु ने जान दी -2 
मेरे लिए जी उठा 
जी उठा, जी उठा 
इब्न-ए-खुदा जी उठा 
जी उठा, जी उठा -4 
उसने वादा जो किया था 
देखो पूरा हुआ 
फिर से बनाई हैकल उसने 
जिसको दिया था गिरा -2 
होकर जिंदा, मेरे मसीह ने -2 
दी है कुदरत दिखा 
जी उठा, जी उठा 
इब्न-ए-खुदा जी उठा 
मौत से लड़ के -2 
कब्र पे पाई फतह 
जी उठा, जी उठा 
इब्न-ए-खुदा जी उठा 

Ji Utha Ji Utha Ibn-e-Khuda Ji Utha

Geet: Ji Utha

Worshiper: Anum Ashraf, Anmol Ashraf

Lyrics: Shahid Irshad

Composition: Kashif Tari

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