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Tere Liye Badan Mera | Ernest Mall

Tere Liye Badan Mera

तेरे लिए बदन मेरा 
तेरे लिए श्रृंगार है 
यीशु मसीह, तू जां मेरी 
तू ही तो दिल का, करार है 
बस मुझमें, बस मुझमें 
तेरा रूह बसे, मेरी रग-रग में 
मेरी नस-नस में, जान-ओ-बदन में -2 
शाम-सवेरे हो बातें 
मीठी मुलाकातें 
बढ़ती ही जाए मोहब्बत 
दिन हो या हों रातें 
रह मुझमें, रह मुझमें 
तेरा रूह रहे, मेरी रग-रग में 
मेरी नस-नस में, जान-ओ-बदन में -2 
तू ही कलाम सिखाए 
तेरा मसाह जब छाये 
रूह की हज़ूरी हो ऐसी 
कोई और न भाए 
रस मुझमें, रस मुझमें 
तेरा रूह रसे, मेरी रग-रग में 
मेरी नस-नस में, जान-ओ-बदन में -2 
तेरे लहू से धुलूं मैं 
तेरा कलाम जपूँ मैं 
रूहुल-क़ुदुस की मदद से 
तेरी छवि पे ढलूँ मैं 
दिख मुझमें, दिख मुझमें 
तेरा रूह दिखे, मेरी रग-रग में 
मेरी नस-नस में, जान-ओ-बदन में -2 

Tere Liye Badan Mera | Ernest Mall

Composed and written by Ernest Mall in 1995 from the album “Aata Hu Tere Huzoor.”

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