Tu Jo Chhoo Jaye Is Mitti Ko | Kumhar Bane Jis Bartan Ka | Ernest Mall | Subhash Gill

Tu Jo Chhoo Jaye Is Mitti Ko

तू जो छू जाए इस मिट्टी को
ये मिट्टी कुंदन हो जाए
कुम्हार बने, कुम्हार बने
जिस बर्तन का
वो बर्तन दर्पण हो जाए
यीशु, यीशु, यीशु, यीशु 
तूफ़ानों की हस्ती है क्या 
जब जिंदा चट्टान पे हो ऑंखें -2 
अंगूर के पेड़ से पैवस्ता
हर डाली सावन हो जाए 
कुम्हार बने, कुम्हार बने
जिस बर्तन का
वो बर्तन दर्पण हो जाए
यीशु, यीशु, यीशु, यीशु
तेरे लख़्त-ए-जिगर ने पाक खुदा
बख़्त-ए-इंसान बदल डाला -2
ईमान जो लाये यीशु पर
अंबर की धड़कन हो जाए
कुम्हार बने, कुम्हार बने
जिस बर्तन का
वो बर्तन दर्पण हो जाए
यीशु, यीशु, यीशु, यीशु
दुनियां छोड़े, छोड़े साथी
मिट्टी का खिलौना है इंसान -2 
गर हाथ में हाथ हो, यीशु का
तो मौत भी, जीवन हो जाए -2 
कुम्हार बने, कुम्हार बने
जिस बर्तन का
वो बर्तन दर्पण हो जाए
यीशु, यीशु, यीशु, यीशु

Tu Jo Chhoo Jaye Is Mitti Ko

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