Popular

Gunahon Ka Bojh Uthakar Chala | Mere Masiha | Ronald Hansda

Gunahon Ka Bojh Uthakar Chala | Mere Masiha | Ronald Hansda

गुनाहों का बोझ उठाकर चला -2
मेरे मसीहा, मेरे मसीहा -2 
गुनाह क्या थी तेरी, सज़ा मृत्यु पड़ी 
प्यार के खातिर तूने, क़ुरबानी चुनी 
मेरे अधर्म का सारा बोझ, तूने है लिया 
दुःख का वो कटोरा, तूने है पीया 
मेरे मसीहा, मेरे मसीहा -2 
तीस चांदी के सिक्कों में, 
तुझको बेचा गया 
दाम लहू का वो था, ठहराया हुआ 
सब कुछ, ये जानकार तूने 
कुछ भी न कहा 
मेमने की तरह, तू वध होने को चला 
मेरे मसीहा, मेरे मसीहा -2 
पापों का ऐसा प्रायश्चित, हमको उसने दिया 
लहू यीशु ने बहाकर, मुझे बचा लिया 
क्रूस पर प्रभु ने, पूरा किया है काम 
मुझको बचाने के लिए, दी अपनी जान 
मेरे मसीहा, मेरे मसीहा -2 

Gunahon Ka Bojh Uthakar Chala | Mere Masiha | Ronald Hansda

Song: Mere Masiha

Vocal/lyrics/composer: Ronald Hansda

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular