Main Tujhe Chahun Mere Masiha Lyrics
मैं तुझे चाहूँ, मेरे मसीहा
तेरे सिवा मुझे, कुछ भी न भाए -2
मेरे दिल की, इस नगरी में -2
तू खुशियों के, फूल खिलाए
मैं तुझे चाहूँ, मेरे मसीहा
तेरे सिवा मुझे, कुछ भी न भाए
सोते में दे के, सेर तू करता रूह के फलों से, मुझको है भरता -2 अब क्या मांगूं मेरे मसीहा मुझसे अब कुछ माँगा न जाए मेरे दिल की, इस नगरी में -2 तू खुशियों के, फूल खिलाए मैं तुझे चाहूँ, मेरे मसीहा तेरे सिवा मुझे, कुछ भी न भाए
मुर्दा बदन को, तूने बक़ा दी कोड़े खा के, मुझको शिफा दी -2 यीशु तेरे कीमती, पाक लहू से क़िर्मिज़ी पाप भी, धुलता जाए मेरे दिल की, इस नगरी में -2 तू खुशियों के, फूल खिलाए मैं तुझे चाहूँ, मेरे मसीहा तेरे सिवा मुझे, कुछ भी न भाए
रूह की प्यास को, तूने मिटाया
जीवन जल मुझे, तूने पिलाया -2
मेरा दिल बस, मेरे मसीहा
हरपल तेरे, गीत ही गाए
मेरे दिल की, इस नगरी में -2
तू खुशियों के, फूल खिलाए
मैं तुझे चाहूँ, मेरे मसीहा
तेरे सिवा मुझे, कुछ भी न भाए
Main Tujhe Chahun,
Mere Masiha
Tere Siwa Mujhe,
Kuch Bhi Na Bhaye -2
Mere Dil Ki, Is Nagri Me -2
Tu Khushiyon Ke, Phool Khilaye
Main Tujhe Chahun, Mere Masiha
Tere Siwa Mujhe,
Kuch Bhi Na Bhaye
Sote Me De Ke, Ser Tu Karta Rooh Ke Falon Se, Mujhko Hai Bharta -2 Ab Kya Mangun Mere Masiha Mujhse Ab Kuch Manga Na Jaaye Mere Dil Ki, Is Nagri Me -2 Tu Khushiyon Ke, Phool Khilaye Main Tujhe Chahun, Mere Masiha Tere Siwa Mujhe, Kuch Bhi Na Bhaye
Murda Badan Ko, Tune Baqa Di Kode Kha Ke, Mujhko Shifa Di -2 Yeshu Tere Kimti Paak Lahu Se Qirmizi Paap Bhi, Dhulta Jaaye Mere Dil Ki, Is Nagri Me -2 Tu Khushiyon Ke, Phool Khilaye Main Tujhe Chahun, Mere Masiha Tere Siwa Mujhe, Kuch Bhi Na Bhaye
Rooh Ki Pyas Ko, Tune Mitaya
Jiwan Jal Mujhe, Tune Pilaya -2
Mera Dil Bas, Mere Masiha
Harpal Tere, Geet Hi Gaaye
Mere Dil Ki, Is Nagri Me -2
Tu Khushiyon Ke, Phool Khilaye
Main Tujhe Chahun, Mere Masiha
Tere Siwa Mujhe,
Kuch Bhi Na Bhaye
Main Tujhe Chahun Mere Masiha | Justin Iqbal
Vocalist : Justin Iqbal
Poetry/Composition : Rafaqat Irshad
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