Raat Ki Khamoshi Me | Chup Hai Ye Chanda

Raat Ki Khamoshi Me

चुप है ये चंदा, चुप हैं ये तारे
जन्मा है, जन्मा है, जन्मा मसीहा
रात की खामोशी में 
कैसी ये चरनी, कैसी ये रात
सोया है सारा जमाना
बैतलहम में आया मसीहा
लेकर ख़ुशी का खजाना
रात की खामोशी में 
रातों में आके, रातों में जा के
दूतों ने सबको जगाया
शांति का राजा, मुक्ति का स्वामी
हमको बचाने वो आया
रात की खामोशी में 
वही है राजा, वही प्रभु है
दिल में उसे हम बुलाएं
जीवन का स्वामी, प्राणों से प्यारा
अपना उसे हम बनाएं
रात की खामोशी में

Raat Ki Khamoshi Me

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