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Monday, April 22, 2024

Ye Jahan Nahin Apna Hai

Ye Jahan Nahin Apna Hai

ये जहाँ नहीं अपना है
पल तो पल का सपना है -2 
आया है खाली हाथ तू -2 
खाली ही लौट जाना है 
ये जहाँ नहीं अपना है
पल तो पल का सपना है
यहाँ रोते-रोते हँसना है 
हँसते-हँसते रोना है -2 
खिलते हैं फूल भी मगर -2 
पल में ही मुरझाना है 
ये जहाँ नहीं अपना है
पल तो पल का सपना है
यहाँ जीवन एक खिलौना है 
जो कभी भी टूट जाना है -2 
मिट्टी की रचना हैं सभी -2 
मिट्टी में ही मिल जाना है 
ये जहाँ नहीं अपना है
पल तो पल का सपना है
पाई है दौलत प्रेम की 
यहाँ सबको प्रेम निभाना है -2 
बढ़ती है दौलत प्रेम की -2 
जितना औरों पे लुटाना है 
ये जहाँ नहीं अपना है
पल तो पल का सपना है…

Ye Jahan Nahin Apna Hai

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