Agar Tum Sahi Rahguzar Dhundhte Ho

Agar Tum Sahi Rahguzar Dhundhte Ho

अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
जहाँ में कोई, हमसफ़र ढूंढते हो 
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
मसीहा ये कहता है, बाहें पसारे 
इधर आओ मंजिल, किधर ढूंढते हो -2 
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
मिलेगी तुम्हें रौशनी, बस मसीह में -2
अंधेरों में क्यों तुम, सहर ढूंढते हो -2 
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
है दिल में तुम्हारे, जो नफरत क्योंकर -2
मोहब्बत भरी तुम, नज़र ढूंढते हो -2 
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
मसीह गर तुम्हारे, दिलों में नहीं तो -2 
मसीहत में क्यों फिर, असर ढूंढते हो -2
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 
जहाँ में कोई, हमसफ़र ढूंढते हो 
मसीहा ये कहता है, बाहें पसारे 
इधर आओ मंजिल, किधर ढूंढते हो -2 
अगर तुम सही, रहगुज़र ढूंढते हो 

Agar Tum Sahi Rahguzar Dhundhte Ho

Singer – Harivansh Bhatia, Leela Solomon

Lyrics – Rev. Ahsan Masih

Music – Vasant Timothy

Recorded at – CARAVS Studio, Jabalpur, M.P. Inida

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