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Friday, July 1, 2022

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Ham Mitti Ke Bartan Wo Kumhar Hamara | Subhash Gill

Ham Mitti Ke Bartan Wo Kumhar Hamara

तेरी उँगलियों के निशां 
मैं बदन पे लिए फिरता हूँ -2 
मैं हूँ मिट्टी, तू कुम्हार -2 
कहने से न मैं डरता हूँ -2 
पाक खुदा, पाक खुदा, 
कुम्हार हमारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं 
वो है हमारा, पालनहारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं  
हम मिट्टी के बर्तन, 
वो कुम्हार हमारा है -4  
न हम सोने चांदी के 
न हम पत्थर लकड़ी के -2 
उसने अपना दम फूंका तो 
बन गए वारिस ज़िन्दगी के -2 
पाक खुदा, पाक खुदा 
ने हमको संवारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं 
वो है हमारा, पालनहारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं 
हम मिट्टी के बर्तन, 
वो कुम्हार हमारा है -4 
इस मिट्टी में कादिर मुतलक़ 
पाक खज़ाने रखता है -2 
पानी से भरे मटकों को -2 
मय में वो बदलता है -2 
करता है, करता है, 
खुद काम वो सारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं 
वो है हमारा, पालनहारा -2 
हम मिट्टी के बर्तन हैं 
हम मिट्टी के बर्तन, 
वो कुम्हार हमारा है -4 

Ham Mitti Ke Bartan Wo Kumhar Hamara

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