Krus Ki Kahani Gaun | Kamal Kumar Digal

Krus Ki Kahani Gaun

क्रूस की कहानी गाऊँ
दिल से मैं न भुलाऊँ
दिल से मैं न भुलाऊँ
उनके एहसानों को मैं 
जग में गा के सुनाऊँ -2 
क्रूस की कहानी…
जिन हाथों ने मुझको बनाया 
उन हाथों में कीलें ठोका गया 
कुछ न कहकर, सर को झुकाकर 
ममता की मूरत, सब सह लिया 
मेरा यीशु, प्रेमी यीशु 
उसके क़दमों पे ये ज़िन्दगी दे दूँ 
क्रूस पर तड़पे यीशु को 
दिल की आँखों से देखूँ 
क्रूस की कहानी…
सूरज भी आप देख न पाया 
धरती अपनी सीना चीर दिया 
पिघल गया पत्थर भी और 
कुदरत ने भी आँसू बहाया 
मेरा यीशु, प्रेमी यीशु 
उसके क़दमों पे ये ज़िन्दगी दे दूँ 
क्रूस पर तड़पे यीशु को 
दिल से आभारी रहूँ 
क्रूस की कहानी…

Krus Ki Kahani Gaun | Kamal Kumar Digal

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