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Tuesday, February 27, 2024

Mere Malik Mere Khudaya | Jagjit Singh

Mere Malik Mere Khudaya Lyrics

मेरे मालिक मेरे खुदाया
क्यों तूने मुझे भुलाया -2 
क्यों बदली तेरी निगाहें
क्यों सुनता नहीं सदाएँ -2 
क्यों नज़र से मुझको गिराया
क्यों तूने मुझे भुलाया 
दिन रात मैं तेरे दर पे 
फरियाद किया करता हूँ
महरूम मैं रह जाता हूँ 
मैं कुछ भी नहीं पाता हूँ
दुनियां में नहीं मेरी गिनती
मैं तो कीड़ा हूँ धरती का
तेरी धरती का
मेरे मालिक मेरे खुदाया
क्यों तूने मुझे भुलाया -2 
तू मुझसे दूर न जाना
हर गम से मुझे बचाना
दुनियां में नहीं कोई मेरा
मुझको है आसरा तेरा
मेरे लब पे सन्ना तेरी होगी
तेरा नाम सदा गूंजेगा... गूंजेगा
मेरे मालिक मेरे खुदाया
क्यों तूने मुझे भुलाया -2 
Mere Malik Mere Khudaya
Kyon Tune Mujhe Bhulaya -2
Kyon Badli Teri Nigaahen 
Kyon Sunta Nahin Sadaayen -2
Kyon Nazar Se Mujhko Giraya 
Kyon Tune Mujhe Bhulaya
Din Raat Main Tere Dar Pe 
Fariyaad Kiya Karta Hun 
Mehroom Main Reh Jata Hun 
Main Kuch Bhi Nahin Pata Hun 
Duniyan Me Nahin Meri Ginti 
Main To Keeda Hun Dharti Ka 
Teri Dharti Ka 
Mere Malik Mere Khudaya
Kyon Tune Mujhe Bhulaya -2
Tu Mujhse Dur Na Jana
Har Gam Se Mujhe Bachana 
Duniyan Me Nahin Koi Mera 
Mujhko Hai Aasra Tera 
Mere Lab Pe Sanna Teri Hogi 
Tera Naam Sada Gunjega... Gunjega
Mere Malik Mere Khudaya
Kyon Tune Mujhe Bhulaya -2

Mere Malik Mere Khudaya | Jagjit Singh

Composed By : P. C. Khuntia, P. K. Das

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