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Saturday, March 2, 2024

Daag Apne Gunah Ke Masih Ko | Guddu James

Daag Apne Gunah Ke Masih Ko Lyrics

दाग अपने गुनाह के मसीह को -2 
मैं दिखाऊँ तो क्यों न दिखाऊँ? -2
क्यों न दिखाऊँ?
मैं दिखाऊँ तो क्यों न दिखाऊँ? -2
चाहे कोई सुने या सुने न -2 
मेरी उम्मीद पूरी करे न -2 
द्वार वो जो यक़ीनन खुलेगा -2 
खटखटाऊँ तो क्यों न खटखटाऊँ? -2 
जिसने मेरे लिए खून बहाया -2 
उसका कितनी दफ़ा दिल दुखाया? -2 
याद आने पे आँखों से आँसू -2 
मैं बहाऊँ तो क्यों न बहाऊँ? -2 
जब गरीबी को मेरी पौंछ डाला -2 
मैंने भी बस तभी सोच डाला -2 
बरकतें दी खुदा ने, जो उनको -2 
मैं गिनाऊँ तो क्यों न गिनाऊँ -2 
न मिले हैं फ़रिश्तों को भी जो -2 
मुफ्त में मिलते हैं जब मुझे वो -2 
पाक रूह के इनामों से अपना -2 
दिल सजाऊँ तो क्यों न सजाऊँ? -2 
लोग तो लोगों की हैं बताते -2 
एक दूसरे को नीचा दिखाते -2 
तो कलाम-ए-खुदावंद की बातें -2 
मैं बताऊँ तो क्यों न बताऊँ? -2 
एहदे संदूक को लाते लाते -2 
आए दाऊद नाचते गाते -2 
उसकी रूह में मगन हो के मैं भी -2 
पैर उठाऊँ तो क्यों न उठाऊँ -2 

Daag Apne Gunah Ke Masih Ko | Guddu James

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