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Himachal Pradesh, India

Tu Chalta Gaya | Prakash Prabhakar

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Tu Chalta Gaya

खून भी छलका, निकली चीखें भी 
धरती भी कांपी, रोया आसमां भी 
मेरे यीशु की पीड़ा, देख के हे पिता 
छलकी तो होंगी, आँखे तेरी भी 
आँखे तेरी भी 
मेरे गुनाहों को ले के प्रभु -2
चलता गया, तू चलता गया 
तेरे जख्मों से, बहते हुए लहू से 
मेरे पापों को तू धोता गया 
तू चलता गया, तू चलता गया 
चलता गया, तू चलता गया 
सांसे थमने को थी 
जिस्म से जां निकलने को थी 
छलनी छलनी जिस्म, लड़खड़ाते कदम 
फिर भी मेरे गुनाह तू ढोता गया 
दर्द सहने की, जो हद होती है जिस्म की 
ऐसी कितनी हदों से, गुज़रता गया 
तू चलता गया, तू चलता गया 
तू चलता गया, चलता गया 
तू चलता गया
उस माँ की आँखें पथरा गई 
उसके बेटे की देखके ये दशा 
दिल के टुकड़े हजारों हुए 
और रूह तार तार हुई 
मेरा यीशु बचाने मुझे 
सहता गया सब सहता गया 
तू चलता गया, तू चलता गया 
चलता गया, चलता गया 
तू चलता गया
लहूलुहान तू सलीब पे चढ़ाया गया था 
आँखों में फिर भी सबके लिए तेरे 
प्यार समाया हुआ था 
माफ करना इन्हें, हे मेरे पिता 
अंतिम क्षणों में भी 
पिता से तूने कहा 
प्यार करने की 
हद होती है क्या यीशु मेरे 
जान देकर तू अपनी सिखला गया -2

Song – Credits
Lent/Good Friday Song – Tu Chalta Gaya
Lyrics, Composer, and Singer – Prakash Prabhakar
Production – Prakash Prabhakar and Team

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