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Wednesday, February 28, 2024

Tum Jagat Ki Jyoti Ho | Shishye Thompson

Tum Jagat Ki Jyoti Ho Lyrics

तुम जगत की, ज्योति हो
तुम धरा के, नमक भी हो -2
तुमको पैदा, इसलिये किया
तुमको जीवन, इसलिए मिला 
उसकी मर्जी, कर सको सदा -2
तुम जगत की ज्योति हो...
वो नगर जो, बसे शिखर पर
छिपता ही नहीं, किसी की नज़र 
तुम्हारे भले काम, चमके इस तरह -2
तुम जगत की ज्योति हो...
पड़ोसी से प्रेम, तुमने सुना है
दुश्मनों से प्रेम, मेरा कहना है 
तभी तुम संतान, परमेश्वर समान -2
तुम जगत की ज्योति हो...
आँख के बदले आँख, बुराई का सामना है
फेरो दूसरा गाल, सह लो सब अन्याय
ऐसा जीवन ही, पिता को भाता है -2
तुम जगत की ज्योति हो...
Tum Jagat Ki, Jyoti Ho
Tum Dhara Ke, Namak Bhi Ho -2 
Tumko Paida Isliye Kiya
Tumko Jeevan Isliye Mila 
Uski Marzi Kar Sako Sada -2 
Tum Jagat Ki Jyoti Ho...
Wo Nagar Jo, Base Shikhar Par
Chhipta Hi Nahin, Kisi Ki Nazar 
Tumhare Bhale Kaam, 
Chamke Is Tarah -2 
Tum Jagat Ki Jyoti Ho...
Padosi Se Prem, Tumne Suna Hai
Dushmano Se Prem, Mera Kehna Hai 
Tabhi Tum Santaan, 
Parmeshwar Samaan -2 
Tum Jagat Ki Jyoti Ho...
Aankh Ke Badle Aankh, 
Buraai Ka Saamna Hai
Fero Dusra Gaal, Seh Lo Sab Anyaay 
Aisa Jeevan Hi, Pita Ko Bhata Hai -2 
Tum Jagat Ki Jyoti Ho...

Tum Jagat Ki Jyoti Ho | Shishye Thompson

तुम जगत की ज्योति हो। जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। – मत्ती 5:14 HINOVBSI

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