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Himachal Pradesh

Matti Apni Sonpta Hun | Subhash Gill

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Matti Apni Sonpta Hun Lyrics

मट्टी अपनी सौंपता हूँ 
तेरे हाथों में -2 
तेरी छवि में, मैं ढल जाऊँ -2  
छू ले हाथों से -2 
छू मुझे छू, प्यारे यीशु -4 
रख तू अपने, पाट पे मुझको 
बख़्त-ए-बर्तन बदले 
रख तू अपने, पाट पे मुझको 
सख्ती टूटे मेरी -2 
सूरत में तेरी, मैं ढल जाऊँ 
करता ख़ुदी तेरी -2 
इज्ज़त का बर्तन, मैं बन जाऊँ -2 
रूह के खज़ाने दे -2 
तेरी छवि में, मैं ढल जाऊँ -2  
छू ले हाथों से -2 
छू मुझे छू, प्यारे यीशु -4 
हाथ तेरे जब, छुएं मुझको 
बख़्त-ए-मट्टी बदले -2 
खून से अपने, सींच के मुझको -2 
पाकीज़ा कर दे -2 
झोंक दे रूह की, आग में मुझको -2 
रहम-ओ-करम कर दे 
तेरी छवि में, मैं ढल जाऊँ -2  
छू ले हाथों से -2 
छू मुझे छू, प्यारे यीशु -4 
होंठों को छू, सोचों को छू,
ख्यालों को छू, ऐ यीशु -2 
छू मुझे छू, प्यारे यीशु -4 
Matti Apni Sonpta Hun
Tere Hathon Me -2 
Teri Chhavi Me, Main Dhal Jaun -2 
Chhu Le Hathon Se -2 
Chhu Mujhe Chhu, Pyare Yeshu -4 
Rakh Tu Apne, Paat Pe Mujhko
Bakht-E-Bartan Badle
Rakh Tu Apne, Paat Pe Mujhko
Sakhti Tute Meri -2 
Surat Me Teri, Main Dhal Jaun
Karta Khudi Teri -2 
Izzat Ka Bartan, Main Ban Jaun -2 
Rooh Ke Khazaane De -2 
Teri Chhavi Me, Main Dhal Jaun -2 
Chhu Le Hathon Se -2 
Chhu Mujhe Chhu, Pyare Yeshu -4 
Hath Tere Jab, Chhuyen Mujhko 
Bakht-E-Matti Badle -2 
Khun Se Apne, Seench Ke Mujhko -2 
Paakiiza Kar De -2 
Jhonk De Rooh Ki, Aag Me Mujhko -2 
Reham-O-Karam Kar De
Teri Chhavi Me, Main Dhal Jaun -2 
Chhu Le Hathon Se -2 
Chhu Mujhe Chhu, Pyare Yeshu -4 
Honthon Ko Chhu, Sochon Ko Chhu
Khyalon Ko Chhu, Aye Yeshu -2 
Chhu Mujhe Chhu, Pyare Yeshu -4 

Matti Apni Sonpta Hun | Subhash Gill

Singers: Pastor Subhash Gill, Araib Gill

Composer & Lyricist: Pastor Subhash Gill

पाकीज़ा = साफ़-सुथरा, पवित्र, स्वच्छ, सुंदर, हसीन, अच्छा, ख़ुशनुमा, श्रेष्ठ, उम्दा, शुद्ध, निर्दोष, परिमार्जित, त्रुटि रहित, बेजुर्म, निष्कलंक, बेदाग़

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