Misr Se Chhudaye Huye Siyyon Yatri

Misr Se Chhudaye Huye Siyyon Yatri

मिस्र से छुड़ाए हुए सिय्योन यात्री
आँधी तूफान में तू भय न खाना -2 
आकाश और पृथ्वी का  
सृष्टिकर्ता यीशु तेरी नाव में है -2 
विश्वास रूपी नाव तेरी डूब रही हो
सारी आशाएं तेरी टूट रही हो -2 
हिम्मत बांध और उस को ही ताक
पहुंचाएगा तुझे बंदरगाह में -2 
मिस्र से छुड़ाए हुए सिय्योन यात्री
आँधी तूफान में तू भय न खाना -2
मेरा स्वदेश यह दुनियां नहीं
यहाँ पर मैं केवल एक मुसाफिर हूँ -2 
स्वर्ग सिय्योन है, मेरा चिरस्थायी घर
तैयार करके आ रहा है मेरा प्रियवर -2 
मिस्र से छुड़ाए हुए सिय्योन यात्री
आँधी तूफान में तू भय न खाना -2
मेमना उसका दीपक है
अंधियारा उसमे कभी भी नहीं -2 
मुझे देगा जीवन का मुकुट
उत्सव वस्त्र मुझको वो पहनाएगा -2 
मिस्र से छुड़ाए हुए सिय्योन यात्री
आँधी तूफान में तू भय न खाना -2

Misr Se Chhudaye Huye Siyyon Yatri

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