Ek Man Raho Aur Ek Hi Prem

Ek Man Raho Aur Ek Hi Prem

बुलाए हुए तो बहुत हैं, पर चुने हुए कम! एकता जो नज़र आती नहीं हम भाइयों में, इस बात का है खुदा को गम!!

एक मन रहो, और एक ही प्रेम 
एक ही चित हो, एक ही मनसा रखो 
विरोध या झूठी बड़ाई 
के लिए कुछ न करो -2 
पर दीनता से एक दूसरों को 
अपने से अच्छा समझो -2
एक मन रहो, और एक ही प्रेम -2 
हर एक अपने ही हित की नहीं 
दूसरों के हित की भी चिंता करें -2 
जैसा मसीह का स्वभाव था 
वैसा ही तुम्हारा स्वभाव रहे -2 
एक मन रहो, और एक ही प्रेम -2 
आओ हम सब ये कहें 
प्रभु तू बढ़ें हम घटें -2 
ऐ यीशु हमको सिखा 
आत्मा में कैसे जीएं -2 
एक मन रहो, और एक ही प्रेम -2 

Ek Man Raho Aur Ek Hi Prem

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