Main Mandir Hoon Tera | Meri Sans Me Teri Sans Hai | Anil Kant

Main Mandir Hoon Tera | Meri Sans Me Teri Sans Hai

मेरी साँस में, तेरी साँस है
मेरे रूह में, पाक रुह -2
मेरी आँख में, तेरी आँख है
मेरे हाथ में, तेरा हाथ
तू चले, मैं चलूँ, तू रुके, मैं रुकूँ
तू कहे जो, वही मैं करूँ
तू छुए, मैं छुऊँ, जो कहे, वो करूँ
रूह, मन, जिस्म, सब सौंप दूँ
मैं मन्दिर हूँ तेरा
जिन्दा घर हूँ तेरा -2
मेरी मर्जी अब नहीं, तेरी होगी रज़ा -2
यही बन गया, मेरा सारा जीवन
ऐ खुदा, ऐ खुदा
मैं मन्दिर हूँ तेरा
जिन्दा घर हूँ तेरा
मेरी मर्जी अब नहीं, तेरी होगी रज़ा
यही बन गया, मेरा सारा जीवन
ऐ खुदा, ऐ खुदा
मैं मन्दिर हूँ तेरा
मैं मन्दिर हूँ, प्रभु का मन्दिर हूँ
पवित्र मन्दिर हूँ
तेरा जलाल, मुझमें दिखे
सूरत तेरी, मैं बनूँ
जब रूह तेरा, है मुझमें तो
आज़ाद हूँ, पाक हूँ
ऐसा बर्तन बनूँ, जिसमें तू है भरा
झूठ मिट जाये, कर दे खरा
मैं खुदावन्द में हूँ
हो गया हूँ नया
जो पुराना था, जाता रहा
मैं मन्दिर हूँ तेरा
जिन्दा घर हूँ तेरा
मेरी मर्जी अब नहीं, तेरी होगी रज़ा -2
यही बन गया, मेरा सारा जीवन
ऐ खुदा, ऐ खुदा
मैं मन्दिर हूँ तेरा
ऐ मददगार, तुझसे है प्यार
ऐ पाक रुह, पाक रुह
सिखला मुझे, अपना कलाम
दिखला मुझे, राह तू
तूने मुझको चुना, मुझमें रहने लगा
ऐसा मुझपे, करम है किया
पापी इतना बड़ा, जो गुनहगार था
अपना बेटा मुझे कर दिया 
मैं मन्दिर हूँ तेरा
जिन्दा घर हूँ तेरा
मेरी मर्जी अब नहीं, तेरी होगी रज़ा -2
यही बन गया, मेरा सारा जीवन
ऐ खुदा, ऐ खुदा
मैं मन्दिर हूँ तेरा
मैं मन्दिर हूँ, मैं मन्दिर हूँ -4 
मेरी मर्जी अब नहीं, तेरी होगी रज़ा
यही बन गया, मेरा सारा जीवन
ऐ खुदा, ऐ खुदा

Main Mandir Hoon Tera | Meri Sans Me Teri Sans Hai | Anil Kant

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