Meri To Izzat Hi Khudawand Hai | Anil Kant

Meri To Izzat Hi Khudawand Hai

मेरी तो इज्ज़त ही खुदावंद है -2 
मेरी तो ताकत ही खुदावंद है -2
हाँ मेरी इज्ज़त ही खुदावंद है 
मेरा अपना तो कुछ भी नहीं -2 
मेरी तो रग-रग में नाम, 
उसका लिखा है 
इज्ज़त ही खुदावंद है 
मेरी तो दौलत ही खुदावंद है 
तेरे कहने से, चलता हूँ मैं 
तेरे कहने से, रुकता हूँ मैं 
तेरे कलाम में रहकर ही अब 
हर एक काम को करता हूँ मैं
तेरे कहने से मैं चलता हूँ मैं 
मुझे खौफ़ किसी का नहीं -2 
मैंने जब से तेरे, रस्तों को चुना है  
इज्ज़त ही खुदावंद है 
मेरी तो दौलत ही खुदावंद है 
हर एक दुआ को, उसने सुना है 
उसने सुना है 
आरज़ू पूरी वो, करता है 
हाँ करता है 
हर एक दुआ को, उसने सुना है 
मुझे उसकी रज़ा मंज़ूर -2 
क्या बेहतर मेरे लिए, उसको पता है 
इज्ज़त ही खुदावंद है 
मेरी तो दौलत ही खुदावंद है 
हाँ सारी इज्ज़त ही खुदावंद है 
मेरा अपना तो कुछ भी नहीं… 

Meri To Izzat Hi Khudawand Hai | Anil Kant

Written, Composed and Sung By Anil Kant

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